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हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम् — 12 नाम जो हर भय मिटा दें | Hanuman Dwadash Naam Stotram

हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम् (Hanuman Dwadash Naam Stotram) में हनुमान जी के 12 दिव्य और अद्भुत नामों का वर्णन है, जो शक्ति, रक्षा, साहस, बुद्धि और सफलता प्रदान करते हैं। इस पोस्ट में संपूर्ण संस्कृत पाठ, विस्तृत हिन्दी अर्थ, महत्व, लाभ, पाठ विधि और आध्यात्मिक रहस्य शामिल हैं। Presented by Bhajan Dhaara — आपकी दैनिक भक्ति धारा।

🚩 हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम्

Presented by Bhajan Dhaara

हनुमान जी, जिन्हें संजीवनी पुत्र, अजर–अमर, भीम पराक्रमी, अतुलित बलधारी और राम भक्त शिरोधार्य कहा गया है, उनके 12 दिव्य नाम अत्यंत शक्तिशाली माने जाते हैं।
ये केवल नाम नहीं—ऊर्जा सूत्र हैं जो साधक को जीवन में शक्ति, साहस, सुरक्षा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करते हैं।

पुराणों में लिखा है कि—

“जो भक्त इन 12 नामों का स्मरण करता है, वह सभी प्रकार के भय, बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्त हो जाता है।”

यह स्तोत्र विशेष रूप से—

  • यात्रा,
  • परीक्षा,
  • युद्ध जैसे हालात,
  • बीमारी,
  • मानसिक तनाव
    के समय अत्यंत प्रभावी माना गया है।
हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम्

📿 Hanuman Dwadash Naam Stotram — Full Sanskrit Lyrics

॥ श्री हनुमानद्वादशनाम स्तोत्र ॥
हनुमानञ्जनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल: ।
रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिङ्गाक्षोऽमितविक्रम: ॥

उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशन:।
लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा ॥

एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन: ।
स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च य: पठेत् ॥

तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत्।
राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन ॥


📘 हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम् – विस्तृत हिन्दी अर्थ (Deep Explanation)

नीचे हर नाम का गहरा, आध्यात्मिक और जीवन में उपयोगी अर्थ दिया गया है।


1️⃣ हनुमान् — हनन करने वाले

सभी प्रकार के भय, नकारात्मकता, पाप, संकट और शत्रुता का हनन करने वाले।
यह नाम उच्चारण करते ही मन में साहस का संचार होता है।


2️⃣ अञ्जनासूनुः — अंजना का पुत्र

इस नाम से पवित्रता और मातृ-शक्ति जागृत होती है।
यह नाम मन में कोमलता, करुणा और स्नेह बढ़ाता है।


3️⃣ वायुपुत्रः — पवन देव के पुत्र

गति, ऊर्जा, जीवन-शक्ति (Prana Shakti) का प्रतीक।
जो व्यक्ति व्यक्तिगत विकास चाहता है, उसके लिए यह नाम अत्यंत लाभकारी है।


4️⃣ महाबलः — अपरिमित शक्ति वाला

अतुलित बल का स्रोत।
इच्छाशक्ति कमज़ोर होने पर इस नाम का जप मन को मजबूत बनाता है।


5️⃣ रामेष्टः — श्रीराम के परम प्रिय

भक्त और भगवान के संबंध का सर्वोच्च प्रतीक।
राम प्रेम प्राप्त करने का माध्यम।


6️⃣ फाल्गुनसखः — अर्जुन के भी मित्र

अर्जुन और हनुमान का मित्रत्व ज्ञान और पराक्रम का संगम है।
यह नाम बाधाओं से उबारने में सहायक है।


7️⃣ पिंगाक्षः — ताम्र नेत्र वाले

हनुमान जी की तेजस्वी दृष्टि अज्ञान और भ्रम को दूर करती है।
ध्यान और मन की स्पष्टता के लिए यह नाम श्रेष्ठ है।


8️⃣ अमितविक्रमः — असीम पराक्रमी

यह नाम असंभव कार्य को भी संभव बनाने की शक्ति देता है।


9️⃣ उदधिक्रमणः — समुद्र लांघने वाले

जीवन की “असंभव प्रतीत होने वाली” चुनौतियों का समाधान इस नाम से मिलता है।


🔟 सीताशोकविनाशनः — माता सीता का शोक हरने वाले

यह नाम जीवन के दुख, चिंता और मनोवैज्ञानिक तनाव मिटाने में अत्यंत प्रभावी है।


1️⃣1️⃣ लक्ष्मणप्राणदाताः — लक्ष्मण जी को जीवन देने वाले

स्वास्थ्य, ऊर्जा, रोगों पर विजय—
इस नाम के जप से शरीर में प्राणशक्ति बढ़ती है।


1️⃣2️⃣ दशग्रीवस्य दर्पहा — रावण के अहंकार का नाश करने वाले

अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या, नकारात्मक प्रवृत्तियों का नाश होता है।
यह आत्म-विकास के लिए अत्यंत आवश्यक नाम है।


🌟 हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम् का महात्म्य (Spiritual Significance)

Shastras कहते हैं:

“जो भक्त इन 12 नामों का सुबह उठकर और यात्रा के समय जप करे, उसके सभी भय समाप्त होते हैं।”

यह स्तोत्र व्यक्ति के—

  • मन,
  • शरीर,
  • ऊर्जा,
  • वातावरण
    को शक्तिशाली और सुरक्षित बनाता है।

यह पूर्ण रूप से कवच की तरह कार्य करता है।

Also Read:- पशुपति स्तोत्रम् | Pashupati Stotram with Meaning | Mahadev Panchvaktra Stuti


🕉️ Hanuman Dwadash Naam Stotram के लाभ (Extended Benefits)

1. भय और चिंता से मुक्ति

मानसिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक सभी प्रकार के भय समाप्त होते हैं।

2. काली शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा

यह एक शक्तिशाली “रक्षा कवच” है।

3. साहस, आत्मविश्वास और मनोबल में तीव्र वृद्धि

आत्मबल बढ़ता है, निर्भीकता आती है।

4. कार्यों में सफलता और बाधाओं का नाश

जीवन में अटके काम खुलने लगते हैं।

5. रोगों से लड़ने की क्षमता और प्राणशक्ति बढ़ती है

लक्ष्मणप्राणदाताः नाम स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।

6. यात्रा में सुरक्षा

यात्रा शुरू करते समय 3 बार पढ़ना अत्यंत शुभ है।

7. मन को स्थिर और सकारात्मक बनाता है

चिंता, तनाव, अवसाद में आराम मिलता है।

8. आध्यात्मिक उन्नति और भक्ति में वृद्धि

राम भक्ति और हनुमान भक्ति दोनों बढ़ती हैं।


🔎 पाठ विधि (How To Chant It Perfectly)

  • सुबह उठते ही 3, 11 या 21 बार पढ़ें।
  • यात्रा शुरू करने से पहले अवश्य पढ़ें।
  • मंगलवार और शनिवार को विशेष प्रभावी।
  • हनुमान जी की मूर्ति/चित्र के सामने पढ़ें।
  • स्वच्छ और शांत वातावरण में जप सर्वोत्तम।

🙏 Bhajan Dhaara — Our Devotional Intention

Bhajan Dhaara का उद्देश्य है —
हर भक्त को दिव्य ज्ञान, सटीक मंत्र अर्थ, शक्तिशाली स्तोत्र, और आध्यात्मिक ऊर्जा देना।

हम प्रतिदिन प्रस्तुत करते हैं:

ताकि आपके जीवन में शक्ति, भक्ति और सकारात्मकता बनी रहे।

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