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Shri Ram Stuti: मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की दिव्य स्तुति (Full Lyrics & Meaning)

Shri Ram Stuti (श्री राम स्तुति) का संपूर्ण पाठ, विस्तृत अर्थ, लाभ और इसका आध्यात्मिक महत्व। भगवान श्रीराम के गुण, करुणा, पराक्रम और धर्म की भावना का वर्णन करने वाली यह स्तुति मन को शांति, साहस और सकारात्मक शक्ति प्रदान करती है। प्रस्तुतकर्ता — Bhajan Dhaara।

🌺 श्री राम स्तुति | Shri Ram Stuti

भगवान श्रीराम मर्यादा, शौर्य, करुणा और धर्म के प्रतीक हैं।
उनकी स्तुति आत्मा को निर्मल करती है और जीवन में धैर्य, शांति और संतुलन लाती है।
जो भक्त श्रीराम की स्तुति करता है, उसके जीवन में भक्ति, साहस, विनम्रता और दिव्यता का विस्तार होता है।

यह स्तुति भगवान राम के विभिन्न गुणों का स्मरण कराती है —
उनके तेज, उनके सहनशीलता, उनके पराक्रम, उनकी करुणा और उनकी धर्मनिष्ठता का।

Shri Ram Stuti

📿 श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti – Full Text)

॥दोहा॥
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥

कन्दर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि नोमि जनक सुतावरं ॥२॥

भजु दीनबन्धु दिनेश दानव दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥

शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु कामादि खलदल गंजनं ॥५॥

मन जाहि राच्यो मिलहि सो वर सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील स्नेह जानत रावरो ॥६॥

एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥

॥सोरठा॥
जानी गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि ।
मंजुल मंगल मूल वाम अङ्ग फरकन लगे।
रचयिता: गोस्वामी तुलसीदास

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📘 श्री राम स्तुति — विस्तृत हिन्दी अर्थ (Deep Meaning)

🔸 श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन…

हे मन! श्रीरामचंद्र का भजन करो, जो संसार के सारे दुखों और भय को दूर कर देते हैं।

🔸 नवकंज-लोचन कंज-मुख…

उनकी आँखें कमल जैसी कोमल और सुंदर हैं; उनका मुख कमल के समान दमकता है।

🔸 कन्दर्प अगणित अमित छवि…

उनका सौंदर्य अनगिनत कामदेवों से भी श्रेष्ठ और अद्भुत है।

🔸 पटपीत मानहुँ तड़ित रूचि…

वे पीताम्बर धारण करते हैं जो बिजली की चमक जैसा तेज प्रदान करता है।

🔸 भजु दीन-बन्धु…

राम दीनों के सच्चे मित्र हैं, दुष्टों के नाशक हैं, और रघुकुल के चंद्रमा हैं।

🔸 स्मरु अमोघ-अनंग-अनल…

उनकी स्मृति काम और क्रोध जैसे विकारों को जला देती है।

🔸 श्रीरघुनाथ कथा सुधा रस…

राम की कथा अमृत समान है—सुनते ही मन प्रसन्न हो जाता है।

🔸 करुणा-कन्द…

वे करुणा के भंडार हैं, पापों का नाश करने वाले और भय को दूर करने वाले हैं।

🔸 विप्र-धेनु-जन-पालन…

वे ब्राह्मण, गौ, और भक्तों के रक्षक हैं, और संसार-सागर से तारने वाले हैं।


🌟 श्री राम स्तुति का महत्व (Spiritual Significance)

  • यह स्तुति मन को देवत्व से जोड़ती है।
  • श्रीराम की मर्यादा और धर्म पालन की प्रेरणा देती है।
  • साधक में क्षमा, दया, धैर्य और सत्य का विस्तार होता है।
  • हृदय में भक्ति और शांति का संचार होता है।
  • नकारात्मक विचारों का नाश और सकारात्मक ऊर्जा का उदय करती है।

🕉️ Benefits of Reciting Shri Ram Stuti (Detailed)

✔ 1. दिमाग शांत होता है

रामनाम तनाव, चिंता और नकारात्मकता मिटाता है।

✔ 2. मन में साहस और स्थिरता आती है

राम जी के चरित्र से प्रेरणा मिलती है।

✔ 3. घर में शांति और सौभाग्य बढ़ता है

रामभक्ति वातावरण को पवित्र बनाती है।

✔ 4. कर्मशुद्धि और मनोशुद्धि

राम स्तुति मानव को सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

✔ 5. आध्यात्मिक उन्नति

इसे नियमित पढ़ने वाला साधक आध्यात्मिक रूप से तेज़ी से बढ़ता है।

✔ 6. कठिनाइयों में मार्गदर्शन

राम कृपा से जीवन की समस्याओं में समाधान मिलने लगते हैं।


🕯️ श्री राम स्तुति कब और कैसे पढ़ें?

  • सुबह और शाम के समय पढ़ना सर्वोत्तम।
  • दीपक जलाकर और श्रीराम के चित्र/मूर्ति सामने रखें।
  • मन शांत और एकाग्र हो।
  • कम से कम 3 बार पढ़ें, और मंगलवार/गुरुवार को विशेष फल।
  • यात्रा, परीक्षा, नए कार्य से पहले पढ़ना शुभ।

🙏 About Bhajan Dhaara

Bhajan Dhaara भक्ति की वह धारा है
जो हर दिन आपके जीवन में शांति, प्रेम, प्रकाश और सकारात्मकता लाती है।

हम प्रस्तुत करते हैं —
श्रीराम स्तोत्र • मंत्र • भजन • चालीसा • ध्यान सामग्री • शिव-हनुमान भक्ति
ताकि हर घर में भक्ति की ज्योति प्रज्वलित रहे।

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